August 19, 2026

विद्यार्थियों को पसंद आया एसजीआरआरयू का सकारात्मक माहौल, बोले—पढ़ाई के लिए शानदार जगह

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विद्यार्थियों को पसंद आया एसजीआरआरयू का सकारात्मक माहौल, बोले—पढ़ाई के लिए शानदार जगह

श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय (एसजीआरआरयू) में 17 से 19 अगस्त तक आयोजित तीन दिवसीय दीक्षारंभ-2026 का बुधवार को भव्य एवं यादगार समापन हुआ। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं समेत 5 हजार से अधिक युवाओं ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया। तीन दिनों तक चले इस आयोजन में विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, उपलब्धियों, संस्कार, अनुशासन और भविष्य की संभावनाओं से रूबरू कराया गया।

 

रेन डांस बना सबसे बड़ा आकर्षण

 

समापन समारोह में एसजीआरआरयू के हैलीपैड ग्राउंड पर युवाओं का उत्साह देखते ही बना। डीजे बीट्स, रेन डांस और ग्रैंड मस्ती ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। बारिश की फुहारों के बीच लोकप्रिय गीतों पर थिरकते हजारों युवाओं ने समापन समारोह को यादगार बना दिया।

 

बॉलीवुड, पंजाबी, गढ़वाली, भोजपुरी और नेपाली गीत-संगीत पर हुई शानदार प्रस्तुतियों ने युवाओं में जोश भर दिया। हाई-वोल्टेज साउंड, आकर्षक सजावट, हरियाली और हजारों विद्यार्थियों की मौजूदगी से पूरा हैलीपैड ग्राउंड युवा उत्सव के रंग में रंगा नजर आया।

 

शिक्षा के साथ संस्कार और सेवा भाव जरूरी : श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज

 

विश्वविद्यालय के माननीय प्रेसीडेंट श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज जी ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षा तभी सार्थक है, जब वह चरित्र निर्माण और समाज सेवा की ओर प्रेरित करे। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन और सेवा भाव को जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति प्रो. (डॉ.) के. प्रतापन एवं कुलसचिव डॉ. लोकेश गंभीर ने संयुक्त रूप से किया। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय में प्रवेश प्रत्येक विद्यार्थी के लिए नए सपनों, नई उम्मीदों और नए संकल्पों की शुरुआत है। उन्होंने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था और उपलब्धियों से परिचित कराते हुए बताया कि एसजीआरआर विश्वविद्यालय केवल डिग्री देने वाला संस्थान नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव तैयार करने वाला विश्वविद्यालय है।

 

पढ़ाई के साथ प्लेसमेंट पर भी विशेष फोकस

 

एसजीआरआरयू की खासियतों को लेकर विश्वविद्यालय के ओएसडी विनय मोहन थपलियाल ने कहा कि विश्वविद्यालय की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक यह है कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बेहतर करियर अवसर उपलब्ध कराने पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। उन्होंने कहा कि अच्छे प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई पूरी करने के बाद विश्वविद्यालय परिसर में ही प्लेसमेंट के अवसर उपलब्ध होना एसजीआरआरयू को अन्य संस्थानों से अलग पहचान देता है।

 

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को डिग्री दिलाना नहीं, बल्कि उन्हें शिक्षा से रोजगार और रोजगार से आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना है। यही वजह है कि यहां विद्यार्थियों की पढ़ाई के साथ उनकी स्किल, व्यक्तित्व विकास और भविष्य के करियर पर भी लगातार काम किया जाता है।

 

विद्यार्थियों ने भी कहा—एसजीआरआरयू का चयन हमारा सही फैसला

 

दीक्षारंभ-2026 में शामिल नवप्रवेशी विद्यार्थियों ने भी विश्वविद्यालय के प्रति अपना उत्साह जाहिर किया। विद्यार्थियों का कहना था कि उन्होंने एसजीआरआरयू में प्रवेश लेकर सही फैसला किया है। यहां की फैकल्टी, पढ़ाई का माहौल, आधुनिक सुविधाएं और सकारात्मक वातावरण उन्हें बेहतर शिक्षा के लिए प्रेरित कर रहा है।

नवप्रवेशी विद्यार्थियों ने कहा कि विश्वविद्यालय में उन्हें पढ़ाई के साथ अपनी प्रतिभा और व्यक्तित्व को निखारने के अवसर भी मिल रहे हैं। विद्यार्थियों के मुताबिक, “हमने यहां पढ़ने और शिक्षा हासिल करने का जो फैसला लिया है, वह बिल्कुल सही है। एसजीआरआरयू हमारे लिए एक बेहतर विश्वविद्यालय है और यहां का माहौल पढ़ाई के लिए बहुत अच्छा है।”

 

पढ़ाई के साथ मानसिक स्वास्थ्य पर भी जोर

 

दीक्षारंभ कार्यक्रम में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को भी विशेष महत्व दिया गया।

वहीं विश्वविद्यालय की शैक्षणिक यात्रा और उपलब्धियों पर आधारित विशेष वीडियो प्रस्तुति के माध्यम से नवप्रवेशियों को एसजीआरआरयू परिवार, उसकी उपलब्धियों और शैक्षणिक वातावरण से परिचित कराया गया।

डॉ. कंचन नेगी ने विद्यार्थियों को प्रेरणादायक व्याख्यान दिया। वहीं डॉ. जी. गणराजन ने श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज का अभिभाषण पढ़कर सुनाया।

तीन दिवसीय दीक्षारंभ-2026 के माध्यम से जहां नए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से परिचित कराया गया, वहीं समापन समारोह ने उन्हें उत्साह, उमंग और नई ऊर्जा से भर दिया।

कार्यक्रम का समापन संयोजिका प्रोफेसर डॉ. मालविका कांडपाल के धन्यवाद ज्ञापन एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ

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